कहीं 'नेताजी' की नाराजगी का नतीजा तो नहीं साहब का तबादला?

सहसवान। नगर के सैफुल्लागंज और गोपालगंज क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही जलभराव और बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) डॉ. राजेश कुमार के हाल ही में हुए तबादले को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या जनसमस्याओं को लेकर लगातार उठ रही आवाजों और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी का परिणाम यह तबादला है?सैफुल्लागंज एवं गोपालगंज क्षेत्र के निवासियों के लिए जलभराव एक स्थायी समस्या बन चुका है। मुख्य मार्गों पर नालियां जाम होने के कारण हर बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। गर्मी के मौसम में भी सीवर ओवरफ्लो होने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी घरों और दुकानों में घुस जाता है, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। मच्छरों के प्रकोप से डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों की आशंका लगातार बनी रहती है।क्षेत्र के लोगों के अनुसार बीते चार से पांच महीनों से कई स्थानों पर सड़क और अंडरपास क्षेत्र में पानी भरा हुआ है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।इसी मुद्दे को लेकर भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनुज महेश्वरी लगातार नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे। उन्होंने कई बार अधिशासी अधिकारी डॉ. राजेश कुमार को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया। इतना ही नहीं, जलभराव वाले स्थलों का स्वयं निरीक्षण कर पालिका प्रशासन को मौके पर बुलाया और राहत कार्य भी अपने समक्ष कराया।बताया जाता है कि सड़क निर्माण, नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर अनुज महेश्वरी ने कई बार ज्ञापन भी सौंपे। इसके बावजूद न तो नालियों की समुचित सफाई हो सकी और न ही क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू हो पाया। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष मानसून से पूर्व नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने रहते हैं।इसी बीच 31 मई 2026 को अधिशासी अधिकारी डॉ. राजेश कुमार का तबादला गंगाघाट, उन्नाव कर दिया गया। शासन द्वारा जारी आदेश में तबादले का कारण "जनहित एवं शासकीय कार्यहित" बताया गया है। हालांकि नगर में इस तबादले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और लोग इसे क्षेत्रीय समस्याओं तथा जनप्रतिनिधियों की नाराजगी से जोड़कर देख रहे हैं।अनुज महेश्वरी लंबे समय से जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चाहे सड़क, जलभराव, सफाई या अन्य मूलभूत सुविधाओं का विषय हो, उन्होंने लगातार जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य किया है।अब लोगों की निगाहें नगर पालिका परिषद में आने वाले नए अधिशासी अधिकारी पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सैफुल्लागंज और गोपालगंज की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। नागरिकों का मानना है कि नाला सफाई, ड्रेनेज सिस्टम के सुधार और सड़क निर्माण जैसे कार्य शीघ्र शुरू होने चाहिए, अन्यथा आगामी मानसून में फिर से वही हालात पैदा हो सकते हैं।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नए अधिशासी अधिकारी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतर पाएंगे और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान कर सकेंगे। इसका जवाब आने वाला समय ही देगा।

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